कल और आज सारे मीडिया की सुर्खिया राजेश खन्ना के सम्बन्ध में ख़बरों से भरी पड़ी हैं। राजेश खन्ना बेशक 60 और आधे 70 दशक के हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार रहे हैं। मुझे उनकी जिस फिल्म ने सर्वाधिक प्रभावित किया वह है "आनंद ". इस फिल्म में आनंद का किरदार जिस तरीके से अपनी मौत को सामने देखते हुए जिंदगी जीता है, उस तरीके से यदि आदमी अपनी जिंदगी जीने लगे तो जीवन का आनंद आ जायेगा। जब भी उनकी ये फिल्म टीवी पर आती है, में सब काम छोड़कर उसे देखने बैठ जाता हूँ।
राजेश खन्ना के सम्बन्ध में मीडिया की ख़बरों का समग्र रूप से आकलन करने ऐसा लग रहा है की वो अपनी सफलता के नशे से उबार नहीं पाए। मुझे लगता है की शराब के नशे से ज्यादा उनको सफलता के खुमार ने अपना शिकार ज्यादा बनाया।
राजेश खन्ना के प्रति श्रधान्जली .
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